प्लेबेक सिंगर अलका यागनिक ने बॉलीवुड फिल्मों में कई बड़े-बड़े सिंगर्स के साथ गाना गाया। ऐसे में किस सिंगर के साथ गाना गाने में उन्हें सबसे ज्यादा मज़ा आया और बॉलीवुड में ऐसे कौन से सिंगर्स हैं जिन्हें वो सबसे ज्यादा उन्हे भी सलाह दी। पिछले कुछ समय से उन्होंने टीवी पर सिंगिंग के रिएलिटी शो जज किए ऐसे में नई प्रतिभाओं को देखकर वो उनके बारे में क्या सोचती हैं और उनके करियर के लिए वो क्या राय उन्हें देना चाहती हैं आइए जानते हैं। पसंद करती हैं इस बारे में उन्होंने रागगिरी से खास बात की। इसके साथ ही उन्होंने जो लड़के और लड़कियां बॉलीवुड में सिंगर बनना चाहते हैं

आप लता मंगेशकर और किशोर दा की बहुत बड़ी फैन हैं आपको उनके साथ गाना गाने का मौका भी मिला किशोर कुमार के साथ गाना गाने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?

लता जी और किशोर कुमार मेरे ऑल टाइम फेवरिट हैं। उनके गाने ही मैं हमेशा गुनगुनाया करती थी और करती हूं। हालांकि खुद एक गायक होने के बाद भी मुझे कभी ये लालच नहीं आया कि काश, ये गाना लता जी ने नहीं बल्कि मैंने गाया होता। मुझे हमेशा से लगता था कि लता जी जैसा तो कोई गा ही नहीं सकता। उस तरह की गायकी किसी की हुई ही नहीं और ना ही हो सकती है। लता जी के अलावा मुझे मेहंदी हसन की ग़ज़ले बहुत अच्छी लगती थीं। वो मैं सुना करती थी और कभी कभी गुनगुनाती भी थी।  बाद में ये मेरा सौभाग्य ही था कि मुझे किशोर दा के साथ कई बार गाने का मौका भी मिला। उनका ‘सेंस ऑफ ह्यूमर’ बहुत तगड़ा था। कुछ भी बोलकर उनके चेहरे पर कोई ‘रिएक्शन’ नहीं होता था और आस पास खड़े लोगों की हसंते हसंते जान निकल जाती थी। उनके साथ काम करने में बहुत मजा आता था। शुरू शुरू में डर भी लगता था कि सामने किशोर कुमार हैं लेकिन वो इतना हसांते थे कि सारा डर गायब हो जाता था। वो एक नए कलाकार को कंफर्टेबल करना जानते थे। 80 के दशक के शुरूआती सालों में मैंने उनके साथ गाने गाए हैं। उनके साथ मैंने कुछ स्टेज शो भी किए हैं। मुझे याद है कि स्टेज पर गाते गाते अगर कोई ऐसा खास ‘एक्सप्रेशन’ देना हो तो वो स्टेज पर ही लेट जाते थे। हवा में पैर मारकर गाते रहते थे। वो बहुत मजेदार इंसान थे। दूसरी तरफ मैं उस वक्त बहुत ‘शाय’ किस्म की थी, किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। जब किशोर दा ऐसा करते थे तो मैं चौंक जाती थी। दूसरी तरफ किशोर दा हस रहे होते थे। ये उनका ‘गिमिक’ होता था जिसे ऑडियंस खूब इन्जॉय करती थी। रिकॉर्डिंग के वक्त उनके छोटे छोटे कॉमेंट आते रहते थे। मैं हमेशा उनके साथ रिकॉर्डिंग करने को इन्जॉय करती थी। उनके ‘सेंस ऑफ ह्यूमर’ का जिक्र आज भी इंडस्ट्री में लोग करते हैं।

आपने इंडस्ट्री में बहुत सारे मशहूर गायकों के साथ डुएट गाने गाए तो किसके साथ आपको गाना गाने में ज्यादा मज़ा आता था?

अब जब मैं फिल्मों के लिए गाती हूं तो ये नहीं देखती हूं कि मैं किसके साथ गा रही हूं। अक्सर लोग पूछते हैं कि किस गायक के साथ गाने में मुझे सबसे ज्यादा मजा आता है। असलियत ये है कि मैं अपने गायकी पर ध्यान देती हूं। मेरे साथ जो भी कलाकार गा रहा है उसके कंधे से कंधे मिलाकर गाना है। ये बात सुनने वालों पर निर्भर करती है कि वो मुझे किस कलाकार के साथ ज्यादा सुनना चाहती है। मेरी और कुमार सानू की आवाज में कई गाने एक साथ है। शायद लोगों को हम दोनों की आवाज साथ में अच्छी लगती है। या हम लोगों का स्टाइल अच्छा लगता है। ऐसे ही उदित जी के साथ मेरे बहुत सारे हिट गाने हैं। उदित जी के साथ मेरे ज्यादातर गाने थोड़े ‘ब्राइट’ थोड़े डांस वाले गाने हैं। सानू जी के साथ थोड़े ‘डीप’ गाने हैं। उनमें गहराई ज्यादा है। इनके अलावा अभिजीत, सोनू या शान के साथ भी मेरे अच्छे अच्छे गाने हैं। ये सभी अपने अपने तरीके के दिग्गज गायक हैं। सभी के साथ मेरा ‘कम्फर्ट’ अच्छा रहा। कुमार सानू और उदित जी के साथ अक्सर छेड़छाड़ होती थी। उदित जी बहुत हसाते हैं। इतना ज्यादा कि हसंते हसंते पेट में दर्द होने लगता था। मैंने इनके साथ गाने को भी खूब इन्जॉय किया है।

आप रिएलिटी शो भी जज करती हैं ऐसे में जो सिंगर इस इंडस्ट्री में अपना नाम बनाना चाहते हैं आप उनके लिए और रिएलिटी शो के बारे में क्या कहेंगी?

पिछले कई साल से मैं रिएलिटी शो को जज करती आ रही हूं। जैसे हर चीज के पॉजिटिव और निगेटिव पहलू होते हैं। वैसे ही रिएलिटी शो का भी है। आप ओवरनाइट मशहूर हो जाते हैं। आपको सारी दुनिया देख लेती है। सुन लेती है। लेकिन वो बस कुछ समय का स्टारडम होता है। उसमें से बहुत कम ही होते हैं जो आगे टिक पाते हैं। ज्यादातर गायब हो जाते हैं। इतने सारे सिंगर्स हैं आज की तारीख में कि एक भेड़चाल हो गई है। खचियां भर के सिगर्स आते ही जा रहे हैं। आते ही जा रहे हैं। और काम इंडस्ट्री में डाइल्यूट हो चुका है। इतने सारे सिंगर्स एक मुकाम नहीं बना सकते हैं। मायने ये रखता है कि उसमें से कौन अपनी मेहनत को करता रहता है। किसे अच्छा ब्रेक मिलता है। साथ ही किसका नसीब दूसरे से ज्यादा चमकता है उस पर बहुत सारी चीजें डिपेंड करती हैं। आज गाने वाले बहुत हैं। लेकिन किसके नसीब में क्या लिखा है ये ऊपर वाले के हाथ में होता है। रिएलिटी शो से टेंपरेरी फेम तो मिल जाता है लेकिन बाद में कलाकार उसे कायम नहीं रख पा रहे हैं। इधर उधर मारे मारे फिरते रहते हैं। मैं अक्सर देखती हूं कि पिछले तमाम साल में जो रिएलिटी शो से गायक निकले हैं वो यहां वहां घूमते रहते हैं। कोशिश में रहते हैं कि कुछ काम मिल जाए। कुछ स्टेज के शो जैसे करके गुजारा करते हैं। रिएलिटी शो का समीकरण ही कुछ ऐसा है। इसके पॉजिटिव प्वाइंट अगर आप इन्जॉय करते हैं तो इसके नेगेटिव प्वाइंटस भी आपको झेलने पड़ेगे। कुछ साल पहले एक और दिलचस्प घटना मेरे जीवन में घटी है। मैंने सुना है कि ओसामा बिन लादेन जब मारा गया तो उसके पास से मेरे गानों की तमाम रिकॉर्डिग्स निकलीं। ये बात मेरे बारे में कुछ बेवसाइटों पर लिखी हैं। मैंने इसका सच पता करने की कोशिश तो नहीं की लेकिन मैंने ये बात सुनी जरूर है। ये बात मुझे भी चौंकाती है। उसके कारनामे तो दुनिया जानती है लेकिन वो शायद एक ऐसा इंसान रहा होगा जिसको संगीत पसंद होगा। ये बात मुझसे कई लोगों ने पूछी है मैं हमेशा एक ही जवाब देती हूं कि मैं क्या कर सकती हूं अगर मेरा गाना किसी को पसंद है तो।

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